Price to Earnings Ratio या PE ratio , क्या होता है

PE ratio या Price To Erning ratio एक कंपनी के शेयर के वर्तमान मूल्य को उसके प्रत्येक शेयर की कमाई के साथ तुलना करता है । यह अनुपात निवेशकों को यह बताता है कि कंपनी के शेयरों की कीमत कमाई के मुकाबले में कैसी है । आसान शब्दों में कहा जा सकता है कि किसी कम्पनी के PE ratio से
यह अनुमान लगाया जाता है कि कम्पनी अपने व्यापार में कम्पनी के खर्चों के मुकाबले में कितनी आय अर्जित कर रही है ।
        अगर PE अनुपात अधिक है तो यह दर्शाता है कि कम्पनी ओवर वैल्यूड है अथवा होने की सम्भावना है । या फिर निवेशकों को कम्पनी से अधिक उम्मीद है 
और PE अनुपात कम है तो यह दर्शाता है कि कम्पनी के शेयरों की कीमत कम्पनी की कमाई के मुक़ाबले में कम है जो कम्पनी को अंडर वैल्यूड दर्शाती है ।
                  
          अगर PE ratio नकारात्मक ( Negetive ) है ।

अगर कंपनी का PE ratio नकारात्मक है तो यह इस बात को दर्शाता है कि कंपनी की कमाई नकारात्मक है मतलब कंपनी के खर्चे कमाई से ज्यादा हैं या फिर कंपनी ने हाल ही में किसी बड़े नुकसान का सामना किया है
         इसका मतलब है कि कंपनी की कमाई वर्तमान शेयर मूल्य से मिलने पर नकारात्मक निकलता है जो की PE ratio को नेगेटिव बनाता है निवेशक इस नेगेटिव PE ratio को समझते हैं कि कंपनी घाटे में चल रही है या फिर कोई कमाई नहीं कर रही है ।
PE ratio निकालने का सूत्र (Formula )
किसी भी कंपनी का PE ratio निकालने के लिए एक फार्मूला होता है
                                     
यहां Current Share Price कंपनी के एक शेयर की वर्तमान कीमत को दर्शाता है और EPS ( Earnings Per Share ) कंपनी के प्रत्येक शेयर की कमाई को दर्शाता है 
         इस फार्मूला से कंपनी के PE ratio की गणना की जाती है , जो कंपनी के शेयर्स की कीमत को उसकी कमाई के साथ तुलना करता है ।



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